Lease rental Discounting

लीज रेंटल डिस्काउंटिंग एक व्यापक मार्गदर्शिका: (Lease rental Discounting)


लीज रेंटल डिस्काउंटिंग (Lease Rental Discounting, LRD) एक वित्तीय उत्पाद है जो मुख्यतः वाणिज्यिक संपत्ति किराए पर देने के संदर्भ में उपयोग होता है। इसमें वित्तीय संस्था (financial institution) एक ऋण प्रदान करती है जो किसी संपत्ति के मालिक को उस संपत्ति से प्राप्त किए गए किराए के आय के आधार पर मिलता है। यहां इस प्रक्रिया की विस्तारित व्याख्या है:

1. परिभाषा:

लीज रेंटल (Lease rental) डिस्काउंटिंग एक वित्तीय व्यवसाय है जिसमें एक वित्तीय संस्था (financial institution) किसी संपत्ति के मालिक को उस संपत्ति से प्राप्त किए गए किराए के आय के आधार पर ऋण प्रदान करती है। ऋण राशि भविष्य के किराए के नकद निर्यातों की वर्तमान मूल्य के आधार पर निर्धारित की जाती है।

2. मुख्य घटक:

  • संपत्ति किराए पर देने का समझौता: संपत्ति के मालिक को आपके बूट के साथ एक किराए का समझौता होना चाहिए, जिसमें किराए की राशि और किराए की अवधि स्पष्ट रूप से उल्लेख की जाती है।
  • किराए की नकद निर्यातें: ऋण के मौद्रिक के रूप में भविष्य के किराए की नकद निर्यातों की स्थिति का मूल्यांकन होता है, जिससे ऋण की राशि का निर्धारण किया जाता है।

3. ऋण की गणना:

  • सामान्यत: भविष्य के किराए की नकद निर्यातों को उनके वर्तमान मूल्य में कम करके ऋण की राशि का निर्धारण किया जाता है। इसमें उपयोग किए जाने वाले डिस्काउंट दर को वित्तीय संस्था (financial institution) निर्धारित करती है, जो किराए और संपत्ति के साथ जुड़े जोखिम को दर्शाती है।

4. पात्रता मानक:

  • ऋण प्रदान करने वाली संस्था मालिक की क्रेडिटवर्दीता (creditworthiness) और किराए की आय की स्थिरता का मूल्यांकन करती है।
  • किराए का समझौता प्रचलित कॉमर्शियल प्रक्रियाओं के अनुसार होना चाहिए, और संपत्ति की स्थिति भी अच्छी होनी चाहिए।

5. ब्याज दरें और काल:

  • लीज रेंटल डिस्काउंटिंग (Lease Rental Discounting) की ब्याज दरें स्थिर या फ्लोटिंग हो सकती हैं, जो समझौते के अनुसार होता है।
  • ऋण की काल सामान्यत: किराए की काल से जुड़ी होती है, यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऋण भविष्य की किराए से चुका जाए।

6. वसूली संरचना (recovery structure):

  • वसूली (recovery) सामान्यत: समान निर्धारित किए जाते हैं, जिसमें समय के साथ समान राशियों का भुगतान किया जाता है या काल समाप्त होने पर एक बुलेट भुगतान हो सकता है।

7. जोखिम प्रबंधन:

  • ऋण प्रदाता संस्था संपत्ति (financial institution assets), किराएदार और सम्पूर्ण आर्थिक परियावरण के साथ जुड़े जोखिम का मूल्यांकन करती है।
  • वित्तीय संस्था संपत्ति (financial institution assets) और किराए के समझौते की आवश्यकता हो सकती है।

8. लाभ:

  • लिक्विडिटी: संपत्ति के मालिक अपने भविष्य के किराए से प्राप्त किए गए नकद निर्यातों की मूल्यांकन करके उसके मौद्रिक को मुक्त कर सकते हैं और इसे अन्य निवेश या व्यापार की जरूरतों के लिए उपयोग कर सकते हैं।
  • कर का प्रभाव: लीज रेंटल डिस्काउंटिंग ऋण की ब्याज भुगतान पर कर छूट हो सकती है।

9. चुनौतियां:

  • बाजार जोखिम: असल एस्टेट बाजार में परिस्थितियों की तरंगता संपत्ति मूल्यों और किराए के नकद निर्यातों को प्रभावित कर सकती है।
  • डिफॉल्ट जोखिम: यदि किराएदार किराए की भुगतान में असफल होता है, तो इससे ऋण चुकाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।

10. कानूनी पहलु:

  • कानूनी पहलुओं में संपत्ति के शीर्षक, किराए की समझौते, और स्थानीय विनियमों का पालन शामिल है।
  • लीज रेंटल डिस्काउंटिंग संपत्ति मालिकों को उनकी किराए से प्राप्त होने वाली नकद निर्यातों का लाभ उठाने का एक तरीका प्रदान करता है, जबकि उधारदाताओं को एक वास्तविक और पूर्वानुमानित आय स्रोत के खिलाफ सुरक्षित करने में मदद करता है।

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